Sports Injury Treatment At Bhu Trauma Center With Modern Technology Machines – पैर में मोच या मांसपेशियों में खिंचाव तो परेशान न हों: Ims Bhu के ट्रामा सेंटर में नई टेक्नोलॉजी से इलाज शुरू

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अगर आपके पैरों में मोच आ गई है या फिर मांस पेशियों में कोई खिंचाव है तो अब इसके इलाज को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। आईएमएस बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इसका आधुनिक तकनीक वाली मशीनों से इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। इस तरह की सुविधा देने वाला बीएचयू ट्रामा सेंटर देश का दूसरा संस्थान है। अब तक इस तरह की सुविधा केवल एम्स नई दिल्ली में है। ट्रामा सेंटर में इस  सुविधा के शुरू होने के बाद दूरदराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत होगी।
बीएचयू ट्रामा सेंटर में चलने वाली फिजियोथेरेपी यूनिट में  हड्डी रोग, नस रोग, स्पोर्ट्स इंजरी के इलाज में उपयोगी नई तकनीक वाली मशीन मंगा ली गई है। बीएचयू ट्रामा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि नई मशीनों के आ जाने से अब मरीजों को इलाज के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। अलग-अलग पद्धति से मरीजों का इलाज किया जाएगा। जिसमें सुपर इंडक्टिव सिस्टम, माइक्रोवेव डायथर्मी क्रायोथेरेपी आदि शामिल है।

इन मशीनों से होगा इलाज

सुपर इंडक्टिव सिस्टम :


यह चुंबकीय क्षेत्र के पद्धति पर  कार्य करती है 2. 5 टेस्ला की मशीन है। प्रभावित क्षेत्र में संचार की गति को तेज करती है ऊतकों के मरम्मत में सहायक सिद्ध होती है  जो कि आर्थोपेडिक जैसे-जैसे दर्द फ्रैक्चर हीलिंग,मसल्स रिलैक्सेशन, जॉइंट मोब्लिइजेशन तथा मांस पेशियों के तनाव को कम करती है  और उसमें लचीलापन प्रदान करती है  न्यूरोलॉजी, गाइनेकोलॉजी, स्पोर्ट्स इंजरी संबंधित दिक्कतों में काफी मददगार साबित होती है, यह पलमोनरी रिहैबिलिटेशन मैं भी काफी मददगार साबित होती है।
माइक्रोवेव डायथर्मी : यह फिजियोथेरेपी क्षेत्र के आधुनिक मशीनों में से एक है इसका उपयोग किसी भी प्रकार के दर्द  हड्डी रोग, नस रोग, स्पोर्ट्स इंजरी के मरीजों के लिए या वरदान साबित होगी।

क्रायोथेरेपी 
क्रायोथेरेपी न्यूनतम तापमान पर कार्य करने की एक आधुनिक मशीन है। सूजन को कम करने के लिए मांस पेशियों को तनाव को कम करने के लिए काम में लिया जाता है मैं एक मशीन के द्वारा अति शीत वायु का उपयोग किया जाता है जिस का न्यूनतम तापमान माइनस  32 डिग्री सेल्सियस होता है।  जिसका उपयोग प्रभावित क्षेत्र के मांशपेशियों पर सीधे  तौर पर उपयोग किया जाता है। आधुनिक दौर में जहां हर कोई स्पोर्ट्स इंजरी के समस्या से जूझ रहा है उस दौर में क्रायोथेरेपी पद्धति मांसपेशियों के खिंचाव, लिगामेंट इंजरी, खेलकूद के अंतर्गत लग जाने वाले चोट मोच मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
सुपर कंबाइंड थेरेपी 
यह वर्तमान दौर  के फिजियोथैरेपी  मशीनों का नया वर्जन है। इस मशीन में अल्ट्रासोनिक थेरेपी, टेंस थेरेपी, और अल्ट्रासोनिक और टेंस थेरेपी एक साथ देखकर हड्डी और नस रोग, स्पोर्ट्स इंजरी के मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

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अगर आपके पैरों में मोच आ गई है या फिर मांस पेशियों में कोई खिंचाव है तो अब इसके इलाज को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। आईएमएस बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इसका आधुनिक तकनीक वाली मशीनों से इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। इस तरह की सुविधा देने वाला बीएचयू ट्रामा सेंटर देश का दूसरा संस्थान है। अब तक इस तरह की सुविधा केवल एम्स नई दिल्ली में है। ट्रामा सेंटर में इस  सुविधा के शुरू होने के बाद दूरदराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत होगी।

बीएचयू ट्रामा सेंटर में चलने वाली फिजियोथेरेपी यूनिट में  हड्डी रोग, नस रोग, स्पोर्ट्स इंजरी के इलाज में उपयोगी नई तकनीक वाली मशीन मंगा ली गई है। बीएचयू ट्रामा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि नई मशीनों के आ जाने से अब मरीजों को इलाज के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। अलग-अलग पद्धति से मरीजों का इलाज किया जाएगा। जिसमें सुपर इंडक्टिव सिस्टम, माइक्रोवेव डायथर्मी क्रायोथेरेपी आदि शामिल है।

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