‘क्वाड’ समूह आखिर करता क्या है जिसके शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने PM मोदी जापान गए और इससे चीन क्यों डरता है?

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'क्वाड' समूह आखिर करता क्या है जिसके शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने PM मोदी जापान गए और इससे चीन क्यों डरता है?

पीएम नरेंद्र मोदी क्‍वाड समूह के शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने जापान गए हैं.

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What is QUAD: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले दो दिन जापान में रहेंगे. अपनी दो दिवसीय यात्रा में वह क्वाड समूह की बैठक में हिस्सा लेंगे. क्वाड कब बना, इसे किस मकसद से बनाया गया और यह क्या काम करता है? 5 पाइंट में जानिए इन सवालों के जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अगले दो दिन जापान (Japan) में रहेंगे. अपनी दो दिवसीय यात्रा (PM Narendra Modi Japan Visit) में वह क्वाड समूह (Quad Group) की बैठक में हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी ने राजधानी टोक्यो पहुंचने के बाद ट्वीट किया. ट्वीट में उन्होंने लिखा कि वह क्वाड समूह के शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और क्वाड नेताओं (Quad leaders) से मुलाकात करेंगे. ऐसे में सवाल है कि आखिर क्वाड समूह है क्या जिसकी अहम बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे. दरअसल, क्वाड चार देशों का एक संगठन है. इसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रलिया और जापान शामिल है. ये चारों देश दुनिया की आर्थिक शक्तियां भी हैं.

क्वाड कब बना, इसे किस मकसद से बनाया गया और यह क्या काम करता है? 5 पाइंट में जानिए इन सवालों के जवाब

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  1. कब बना: हिंद महासागर में सुनामी आने के बाद इस आपदा से निपटने लिए 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने क्वाड संगठन की स्थापना की. यह एक तरह का अनौपचारिक गठबंधन है. इसका पूरा नाम क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग. इसमें चार देश भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं.
  2. क्यों बना: क्वाड समूह बनाने का मकसद लोकतंत्र को बनाए रखना और आपदाग्रस्त देशों की मदद करना था, लेकिन इस समूह के बीच सामंजस्य की कमी के चलते इसकी छवि एक चीन विरोधी गुट की तरह विकसित हो गई. इसमें ऐसे देश हैं जिनकी सीमाएं चीन से छूती हैं. इस समूह में मंगोलिया और कोरिया को भी शामिल होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. चीन से लगी सीमाओं की सुरक्षा करना भी इस समूह का लक्ष्य है.
  3. चीन की चाल होगी नाकाम: 2017 में चीन से कई देशों को खतरा बढ़ने पर क्वाड समूह को दोबारा सक्रिय किया. इसमें कई ऐसे बदलाव किए गए जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चारों देशों के सम्बंध बेहतर बनें और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती दादागिरी को चारों देश रोक सकें. चीन से निपटने के लिए भारत और जापान की पहल पर ही क्वाड समूह की नींव पड़ी थी.
  4. चीन कैसे देखता है क्वाड को: क्वाड समूह की शुरुआत से ही चीन इसका धुरविरोधी रहा है. इस समूह की नींव पड़ने से लेकर अब तक चीन का रवैया वही है जो पहले था. चीन कई बार क्वाड विरोधी बयान भी दे चुका है. 2018 में चीनी विदेश मंत्री ने क्वाड को सुर्खियों में रहने वाला विचार बताया था. चीन सीधे तौर पर इसे अपने लिए खतरा मानता है.
  5. क्वाड को कैसे रोकेगा चीन: क्वाड समूह में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के जुड़ने से इसे मजबूती मिली थी, यही चीन की सबसे बड़ी टेंशन थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र में चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करने के लिए चारों देशों की नौसेनाओं ने 2020 में अपना सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास भी किया था. इस अभ्यास के दौरान हिन्द महासागर में पनडुब्बी, विमान और युद्धपोत भेजे गए थे.

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